प्रेम सरोवर

मेरे उस दिन न होने पर भी मेरी कविताएं तो होंगी! गीत होंगे ! सूरज की ओर मुंह किए खडा कनैल का झाड़ तो होगा!

Sunday, March 15, 2026

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समय सरगम : कृष्णा सोबती      परंपरा और आधुनिकता का समन्वय ही  समय सरगम  है   :  कृष्णा सोबती                                                ...
Saturday, March 14, 2026

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Saturday, March 18, 2023

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About Me

प्रेम सरोवर
नाम- प्रेम सागर सिंह जाति- राजपूत पिता -स्व.पलटन सिंह ग्राम+डाकघर- छतनवार, जिला-बक्सर (बिहार), शिक्षा- M.A (HINDI) प्रथम श्रेणी , LL.B (CALCUTTA UNIVERSITY) वर्तमान पता- 95/1 ,काशीपुर रोड, कोलकाता-700002 पूर्व सेवा- भारतीय वायु सेना (भूतपूर्व सैनिक), करीब चार वर्ष तक उच्च न्यायालय ,कोलकाता मे अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस किया लेकिन शायद विधाता को यह रास नही आया एवं मुझे भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (कोलकाता स्थित कार्यालय) में हिंदी अनुवादक के पद पर राजभाषा हिंदी की सेवा करने वाले लोगों की सूची में मेरा नाम जोड़ दिया। दो शव्द अपने बारे में--- इस जिदगी मे माँ , बाबूजी, भैया, भाभी, गुरूजनों, परम सनेही लोगों एवं भगवान ने जो कुछ भी दिया, उसे मैंने जी भरकर प्यार किया और जो मुझे नही मिला, उसका बेसब्री से इंतजार किया । उगते सूरज के उजाले में भी खुश रहा एवं गोधूलि के समय भी मन में सम भाव बनाए ऱखा । जिन लोगों से मिला उनके दिल में थोड़ी सी जगह बनाए रखने में कामयाब रहा। एक ही बेटा है (नीरज सिंह जिसे भारत माता की सेवा के लिए फौज में भेज दिया। बस, आप सबसे यही विनती है कि जब कभी भी आपको लगे कि मैं पथ्यांतरण कर रहा हूँ तो उस स्थिति में मेरा हाथ थाम लें। धन्यवाद।
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